manmohit verma
Saturday, 28 January 2012
आंसुओं का नजराना
हम उनकी नजरों में युही इक आशियाना ले बैठे ,
हर कदम पे उनके साथ चलने का युही इक बहाना ले बैठे ,
जितनी शिदत्त से हमने उनको हसाया था ,
उसी शिदत्त से उनसे आंसुओं का नजराना ले बेठे...
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