हम उनकी नजरों में युही इक आशियाना ले बैठे ,
हर कदम पे उनके साथ चलने का युही इक बहाना ले बैठे ,
जितनी शिदत्त से हमने उनको हसाया था ,
उसी शिदत्त से उनसे आंसुओं का नजराना ले बेठे...
जो कोई समझ न पाया वो जज्बात हैं मेरे,
तरसती है दुनिया जिस मुकाम को वहां तक हाथ हैं मेरे,
लोग कहते हैं के वो युही किसी सोच में डूबा रहता है,
हर सोच में तू ही शामिल है मेरी ऐसे कुछ ख्यालात हैं मेरे.....